शरीर में छिपी इन 8 बीमारियों को जड़ से खत्म कर सकती है नेचुरपैथी मेडिसिन, जानिये ये किस तरह करती है काम

नेचुरोपैथी मेडिसिन एक सिस्टम है जिसमें शरीर को अपने आप हील करने के लिए प्राकृतिक रेमेडीज का प्रयोग किया जाता है। इस प्रक्रिया में अलग-अलग थेरेपी, हर्ब्स, मसाज, एक्यूपंक्चर, एक्सरसाइज और न्यूट्रीशनल काउंसलिंग शामिल है। यह प्रक्रिया कोई नई चिकित्सा पद्धति नहीं है बल्कि सदियों से इसका प्रयोग किया जाता रहा है। आज के समय में प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति में तमाम परिवर्तन किये गए हैं, इसमें कुछ मॉडर्न चीजों को भी शामिल किया गया है। इस प्रोसेस में व्यक्ति को पूरी तरह से ठीक किया जाता है, जैसे उसके शरीर, मस्तिष्क और आत्मा को। आइए जानते हैं नेचुरोपैथी मेडिसिन क्या है, यह किन बीमारियों में कारगर है और इसमें क्या-क्या शामिल है।

नेचुरोपैथी मेडिसिन कैसे काम करती है?
नेचुरोपैथिक मेडिसिन का लक्ष्य है व्यक्ति को पूरी तरह से ठीक करना। इसमें व्यक्ति का दिमाग, शरीर और आत्मा सब शामिल किया जाता है। इसमें किसी समस्या के कारण तक पहुंच कर उसकी जड़ को ही खत्म किया जाता है न केवल लक्षणों से राहत दिलाई जाती है। एक नेचुरोपैथिक डॉक्टर आपको एग्जामिन करने में ही एक से दो दिन का समय ले लेता है। वह आपकी सेहत के बारे में, स्ट्रेस लेवल और लाइफस्टाइल के बारे में पूछते हैं।

इसके बाद वह आपके हेल्थ प्लान के बारे में डिस्कस करते हैं। आपके डॉक्टर आपको डाइट, एक्सरसाइज, स्ट्रेस को मैनेज करने से जुड़ी टिप्स दे सकते हैं। वह कुछ होम्योपैथी, हर्बल दवाइयों और एक्यूपंक्चर आदि का प्रयोग कर सकते हैं। शरीर में बैलेंस बनाने के लिए वह मसाज और प्रेशर आदि का प्रयोग भी कर सकते हैं।

नेचुरोपैथी मेडिसिन किन-किन स्थितियों में काम करती है?
नेचुरोपैथी मेडिसिन लगभग सभी शारीरिक स्थितियों को ठीक करने में मदद करती हैं। कुछ कॉमन शारीरिक स्थितियों में जैसी समस्याओं को ठीक करने में प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति (नेचुरोपैथी) बहुत कारगर हैं:

एलर्जी
सिरदर्द
बांझपन से जुड़ी दिक्कतें
पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं
मोटापा
हार्मोनल असंतुलन होना
लंबे समय तक शरीर में दर्द होना
थकान होना
कुछ मामलों में लाइसेंस प्राप्त नेचुरोपैथी डॉक्टर तो छोटी-मोटी सर्जरी जैसे घाव भरना भी कर सकते हैं। कई चिकित्सकों के पास नेचुरल चाइल्ड बर्थ से जुड़ी जानकारी होती है। अगर आप बीमार नहीं हैं और अपनी ओवर ऑल सेहत बेहतर रखना चाहते हैं तो नेचुरोपैथिक दवाइयों का ठीक होने के बावजूद भी प्रयोग किया जा सकता है। अगर कोई ऐसी इमरजेंसी हो जाती है जिसमें आपको अस्पताल जाने की नौबत आ जाती है तो इस समय इसका प्रयोग न करें।

क्या नेचुरोपैथी के कोई साइड इफेक्ट्स भी हैं?
सप्लीमेंट्स
अगर आपके डॉक्टर सप्लीमेंट्स का सेवन करने को बोलते हैं और आप पहले से ही कोई और दवाई खा रहे हैं तो यह रिएक्शन करके आपको साइड इफेक्ट दिखा सकते हैं इसलिए पहले से ही डॉक्टर को इस बारे में बता दें।

स्पाइनल एडजस्टमेंट
कई बार डॉक्टर आपकी रीढ़ की हड्डी पर बहुत प्रेशर लगा देते हैं। इससे आपकी आर्टरी, नर्व या हड्डियां आदि को नुकसान पहुंच सकता है। कुछ मामलों में ऐसा करने से स्ट्रोक भी आ सकता है।

डिटॉक्स डाइट
कुछ डाइट में आपको लंबे समय तक भूखा रहना पड़ सकता है। अगर आपको डायबिटीज या कोई ऐसी ही शारीरिक स्थिति है तो उसमें ज्यादा समय तक भूखे रहने से हालत खराब हो सकती है। इसलिए इस बारे में भी डॉक्टर से जरूर बात कर लें ताकि आपको समय समय पर पौष्टिक डाइट मिलती रहे।

निष्कर्ष
नेचुरोपैथिक दवाइयां वैसे तो आपको पूरी तरह से ठीक करने में लाभदायक हैं, लेकिन इनके कुछ साइड इफेक्ट्स भी हैं। इसलिए इसके बारे में एक्‍सपर्ट से बात करने के बाद ही इसका प्रयोग करने का फैंसला लें।

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